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नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला आरक्षण क्या है? 2029 से संसद में क्या बदल सकता है

भारतीय संसद एक ऐतिहासिक फैसले की दहलीज़ पर खड़ी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 में बड़े संशोधन के लिए 16–18 अप्रैल 2026 को Special Parliament Session बुलाया गया है। अगर यह amendment पास हो गया, तो 2029 के Lok Sabha चुनावों में पहली बार 33% सीटें महिलाओं के लिए reserved होंगी। आखिर यह Bill क्या है, इसमें क्या बदलाव होने वाला है और इसका आपके लिए क्या मतलब है  आइए सब कुछ आसान भाषा में समझते हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 का यह Amendment भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नया अध्याय है।

16 अप्रैल से Special Parliament Session में महिला आरक्षण Amendment Bill पेश होगा


Key Highlights

  • 8 अप्रैल 2026 को PM Modi की अध्यक्षता में हुई Cabinet बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के Amendment Draft को मंजूरी दी गई।
  • 16–18 अप्रैल 2026 को Special Parliament Session में यह Amendment Bill पेश होगा।
  • Amendment पास होने पर Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, Lok Sabha की सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें रिपोर्ट्स के अनुसार, 273 सीटें महिलाओं के लिए reserved होंगी।
  • Delimitation के लिए 2027 Census की जगह 2011 Census data इस्तेमाल होगा।
  • यह Lok Sabha का लगभग पाँच दशकों में पहला विस्तार होगा।
  • SC/ST reservation पहले की तरह जारी रहेगा। OBC के लिए कोई अलग provision नहीं है।
  • Congress ने इसे “जल्दबाजी” बताया है और All-Party meeting की मांग की है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 – क्या है यह Amendment?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को September 2023 में Constitution के 106वें Amendment के रूप में पास किया गया था। यह कानून Lok Sabha और State Assemblies में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33% reservation अनिवार्य करता है।

Lok Sabha में यह Bill 454 वोट पक्ष में और सिर्फ 2 विरोध में पास हुआ था। Rajya Sabha ने इसे सर्वसम्मति से 214-0 से पास किया।

लेकिन एक बड़ी समस्या थी –

Original law के तहत यह reservation तभी लागू होती जब 2027 Census के आधार पर Delimitation पूरी हो। इसका मतलब था कि यह कानून 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था।
इसी को बदलने के लिए अब amendment लाया जा रहा है।

Special Parliament Session – Latest Update

Budget Session को extend करके 16, 17 और 18 अप्रैल 2026 को Special 3-Day Parliament Session बुलाया गया है। BJP ने अपने सभी MPs को Three-Line Whip जारी किया है — यानी उपस्थिति अनिवार्य है, कोई छुट्टी नहीं मिलेगी।

Congress ने भी अपने Lok Sabha MPs को Whip जारी करके 16, 17 और 18 अप्रैल को House में उपस्थित रहने और party stand support करने का निर्देश दिया है।

इस Special Session में तीन Bills पेश होंगे — Constitution (131वाँ Amendment) Bill, Delimitation Bill, और Union Territories वाली Assemblies के लिए अलग विधेयक।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 Special Session में क्या होगा?

प्रस्तावित amendment के तहत Lok Sabha की कुल सीटें 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिनमें से रिपोर्ट्स के अनुसार, 273 सीटें महिलाओं के लिए reserved होंगी। यह reservation एक vertical quota system पर आधारित होगी, जिससे SC और ST वर्ग में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।

Delimitation की प्रक्रिया 2011 Census data के आधार पर होगी, न कि प्रस्तावित 2027 Census के आधार पर। State Assemblies में भी इसी अनुपात में सीटें reserved की जाएंगी।

यह कानून रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कानून 31 मार्च 2029 से प्रभावी होगा और अगले Lok Sabha चुनाव के साथ-साथ Odisha, Arunachal Pradesh, Sikkim और Andhra Pradesh की Assembly Elections में भी लागू होगा।

2029 से Lok Sabha में 273 सीटें महिलाओं के लिए reserved होंगी

 

PM Modi ने क्या कहा?

PM Modi ने इस Bill को “21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला” बताया। उन्होंने कहा कि संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है “एक ऐसा इतिहास जो अतीत की कल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।”

PM ने 13 अप्रैल को नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में कहा कि सरकार ने 2014 से महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई हैं जैसे Maternity Leave को 26 हफ्ते तक बढ़ाना, PM Awas Yojana में घर महिलाओं के नाम करना, और Jan Dhan Yojana के तहत 32 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुलवाना। विशेषज्ञों के अनुसार नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 भारतीय राजनीति की दिशा बदल सकता है।

Opposition का रुख – Analysis

Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने सरकार पर आरोप लगाया कि Special Session चल रहे State Elections के बीच बुलाया गया है, जो दर्शाता है कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की बजाय political mileage लेना चाहती है। उन्होंने मांग की कि 29 अप्रैल 2026 को elections खत्म होने के बाद All-Party Meeting बुलाई जाए।

TMC के Derek O’Brien ने इसे “Political Theatre” करार दिया।

Congress ने यह भी कहा कि वह Women’s Reservation Bill का समर्थन करती है, लेकिन Delimitation Bill का विरोध करती है क्योंकि Southern States को Lok Sabha में representation कम होने का डर है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह debate सिर्फ Bill पर नहीं, बल्कि इसके timing और implementation पर है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 के तहत होने वाले यह बदलाव ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।

पूरी Timeline – एक नज़र में

साल क्या हुआ
1996     पहली बार Women’s Reservation Bill पेश हुआ (81वाँ Amendment Bill)
2010 Rajya Sabha ने पास किया, Lok Sabha में लैप्स हो गया
Sept 2023 नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वाँ Amendment) पास
8 अप्रैल 2026 Cabinet ने Amendment Draft को मंजूरी दी
16–18 अप्रैल 2026 Special Parliament Session – Bill पेश होगा
31 मार्च 2029 कानून प्रभावी होगा
2029 पहली बार Women Reservation के साथ Lok Sabha चुनाव

 

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है? यह 2023 में पास हुआ एक Constitutional Amendment है जो Lok Sabha और State Assemblies में महिलाओं के लिए 33% reservation देता है।

Q2. यह Reservation 2029 से कैसे लागू होगा? सरकार एक Amendment Bill ला रही है जो 2027 Census की जगह 2011 Census data use करके Delimitation करेगा। इससे 2034 का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

Q3. Lok Sabha में कितनी सीटें बढ़ेंगी? 543 से बढ़कर 816 सीटें हो जाएंगी, जिनमें 273 महिलाओं के लिए reserved होंगी।

Q4. OBC महिलाओं को इसमें reservation मिलेगा? नहीं। इस Bill में OBC के लिए अलग से कोई provision नहीं है। SC/ST reservation पहले की तरह जारी रहेगा।

Q5. Special Parliament Session कब से शुरू होगा? 16 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक Budget Session के extension के रूप में।

Conclusion

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 में प्रस्तावित amendment भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर यह Bill Special Session में पास हो जाता है, तो 2029 के चुनावों में पहली बार 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। 16 अप्रैल से शुरू होने वाला Parliament Session इसलिए बेहद अहम है।

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